कौशाम्बी: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में वांछित शोएब गिरफ्तार
एसपी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई लाइसेंस की आड़ में तमिलनाडु से मंगवाए जा रहे थे पटाखे, नौशाद व शकील के साथ मिलकर ऊंचे दामों पर बेचने का आरोपमामले में 6 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल, पुलिस खंगाल रही बारूद सप्लाई का नेटवर्क
मनौरी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण के कड़े रुख और निर्देश पर पिपरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में प्रकाश में आए वांछित आरोपी शोएब को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।विदित हो कि गत 31 अगस्त को मनौरी में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ था, जिससे हड़कंप मच गया था। घटना के संबंध में पिपरी थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस तत्परता दिखाते हुए छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य डिजिटल इनपुट्स के गहन विश्लेषण के दौरान शोएब (पुत्र अलीम, निवासी दायराशाह अजमल, थाना शाहगंज, प्रयागराज) की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई। इसके बाद एसपी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को सक्रिय किया था। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी शोएब ने पूछताछ के दौरान अवैध पटाखा सिंडिकेट से जुड़े कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। शोएब ने बताया कि उसके पिता अलीम के नाम पर प्रयागराज में पटाखा बिक्री का वैध लाइसेंस था। आरोपी इसी लाइसेंस की आड़ में एक बड़े अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह तमिलनाडु से निर्मित पटाखों की बड़ी खेप मंगवाता था और अपने साथी नौशाद व शकील के साथ मिलकर कौशाम्बी व आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में उसे मनमाने और ऊंचे दामों पर बेचता था।
पुलिस अब इस मामले में बारूद और अन्य घातक विस्फोटक सामग्रियों की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने में जुट गई है। स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से बनाए जाने वाले देशी पटाखों के लिए बारूद कहाँ से खरीदा जा रहा था और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है, इसकी गहन जांच की जा रही है। पिपरी थाना पुलिस ने आरोपी शोएब के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 288 और 4/5/9बी विस्फोटक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
रिपोर्ट विजय विश्वकर्मा