कौशांबी में तिरंगा यात्रा विवाद ने पकड़ा तूल, BJP व्यापार प्रकोष्ठ ने SP से की निष्पक्ष जांच की मांग
सराय अकिल में एयरगन प्रदर्शन को लेकर दर्ज मुकदमे पर उठे सवाल, चार व्यापारियों को दोषमुक्त करने की मांग
कौशांबी। सराय अकिल नगर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान एयरगन दिखाए जाने के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ ने पुलिस अधीक्षक कौशांबी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अरविंद कुमार कैसरवानी और जिला सह-संयोजक विकास गुप्ता की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर व्यापारियों द्वारा सराय अकिल नगर में तिरंगा यात्रा और भारत माता की झांकी निकाली गई थी। यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद
बताया गया कि तिरंगा यात्रा के दौरान असलहों के प्रदर्शन से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो को लेकर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। क्षेत्राधिकारी चायल की जांच के दौरान झांकी में इस्तेमाल की गई एयरगन को जब्त किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था में तैनात उपनिरीक्षक की ओर से मुकदमा अपराध संख्या 269 दर्ज किया गया। मुकदमे में चार व्यापारियों को आरोपित बनाया गया है।
व्यापार प्रकोष्ठ ने उठाए जांच पर सवाल
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ का आरोप है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किए जाने के कारण पूरे मामले को गलत दिशा में देखा गया। पदाधिकारियों का कहना है कि तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक देशभक्ति कार्यक्रम था और इसमें भारत माता की झांकी भी शामिल थी।
ज्ञापन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि मामले की निष्पक्षता से दोबारा जांच कराई जाए और यदि जांच में आरोपित व्यापारियों की भूमिका अपराध में नहीं पाई जाती है तो उन्हें मुकदमे से दोषमुक्त किया जाए।
एयरगन वापस करने की भी मांग
व्यापार प्रकोष्ठ ने पुलिस द्वारा जब्त की गई एयरगन को वापस करने की मांग भी की है। साथ ही, ज्ञापन में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है, जिन्होंने कथित तौर पर भ्रामक वीडियो के माध्यम से मामले को गलत तरीके से प्रचारित किया।
पुलिस जांच से साफ होगी तस्वीर
फिलहाल इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल पुलिस जांच को लेकर है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि तिरंगा यात्रा के दौरान एयरगन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, उसे किसने प्रदर्शित किया और मुकदमे में आरोपित बनाए गए चारों व्यापारियों की घटना में वास्तविक भूमिका क्या थी।
मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दिखाई गई घटना का वास्तविक संदर्भ क्या था और दर्ज मुकदमे में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई है।