नई दिल्ली (Schools not Closed on Sunday, GK Facts). बचपन से ही हम सभी सुनते और देखते आए हैं कि संडे यानी रविवार का मतलब छुट्टी होता है. जैसे ही शनिवार की शाम ढलती है, स्कूली बच्चों के चेहरे पर अलग ही खुशी तैरने लगती है. लेकिन क्या हर स्कूल में रविवार को छुट्टी होती है? जवाब है- नहीं. देश-दुनिया में ऐसे कई संस्थान हैं, जहां रविवार को आम दिनों की तरह क्लास लगती है और बच्चे हंसते-खेलते पढ़ने पहुंचते हैं.
साप्ताहिक छुट्टी यानी वीकली ऑफ का नियम हर जगह एक जैसा नहीं होता. धार्मिक मान्यताओं, स्थानीय परंपराओं और संस्थान के प्रकार के आधार पर वीकेंड का दिन बदल जाता है. कहीं रविवार के बजाय शुक्रवार (जुम्मे) को छुट्टी दी जाती है तो कुछ आवासीय यानी बोर्डिंग स्कूलों में रविवार को स्पेशल एक्टिविटी या पढ़ाई का दिन रखा जाता है. हफ्ते के बीच में किसी दिन छुट्टी मिलने पर टीचर्स और स्टूडेंट्स को बैंक आदि के काम करने का मौका मिल जाता है. जनरल नॉलेज में आज जानिए संडे को कहां छुट्टी नहीं रहती है.
संडे को जाना पड़ता है स्कूल
दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में संडे को स्कूल-कॉलेज और ऑफिस आदि बंद रहते हैं. लेकिन कई जगहों पर संडे को छुट्टी का नियम नहीं है. इसके पीछे कई तरह की वजहें हैं.
मदरसे और इस्लामी शिक्षण संस्थान
भारत के कई राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल) में संचालित मदरसों और इस्लामी शिक्षण संस्थानों में रविवार को छुट्टी नहीं होती. यहां रविवार को पढ़ाई चलती है. इन संस्थानों में शुक्रवार (जुम्मा) को साप्ताहिक अवकाश रहता है. इसका कारण धार्मिक मान्यताएं हैं, क्योंकि शुक्रवार को सामूहिक नमाज का विशेष महत्व होता है. इसलिए यहां हफ्ते का ऑफ फ्राइडे को ही तय किया जाता है.
गल्फ देशों के इंटरनेशनल स्कूल
खाड़ी देशों (जैसे सऊदी अरब, यूएई, कतर, ओमान) में चलने वाले कई भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय स्कूलों में संडे को वर्किंग डे रखा जाता है. हालांकि, यूएई जैसे देशों ने अब शनिवार और रविवार के वीकेंड को अपना लिया है. कुछ खाड़ी देशों में शुक्रवार और शनिवार को साप्ताहिक छुट्टी होती है. ऐसे में वहां रहने वाले भारतीय बच्चों के स्कूल भी संडे को खुले रहते हैं और पढ़ाई आम दिनों की तरह नियमित रूप से होती है.
रेजिडेंशियल और बोर्डिंग स्कूल
कई बड़े रेजिडेंशियल या गुरुकुल पैटर्न पर चलने वाले बोर्डिंग स्कूलों में रविवार को काम बंद नहीं रहता. हालांकि, यहां औपचारिक क्लास नहीं चलती, लेकिन संडे को एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी, स्पोर्ट्स, टेस्ट या सेल्फ-स्टडी का शेड्यूल होता है. हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के लिए रविवार का दिन पर्सनल डेवलपमेंट और कोचिंग के लिए तय किया जाता है, जिससे उनके लिए यह पूरी तरह से ‘फ्री डे’ नहीं होता.
वनस्थली विद्यापीठ में मंगलवार की छुट्टी
राजस्थान में स्थित वनस्थली विद्यापीठ में रविवार को सामान्य दिनों की तरह क्लासेस चलती हैं. यहां बदले में मंगलवार को स्कूल बंद रहते हैं. यह आवासीय स्कूल है और इनका अपना विश्वविद्यालय भी है. वहां भी यही नियम है. यहां रहने वाली स्टूडेंट्स और टीचर्स आदि मंगलवार को बैंक और पोस्ट ऑफिस के काम निपटा लेते हैं और रविवार को स्कूल-कॉलेज जाते हैं.
मुस्लिम बहुल इलाकों के कुछ विशेष स्कूल
बिहार, झारखंड और असम के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी का बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय से आता है. वहां स्थानीय प्रशासन या स्कूल मैनेजमेंट की सहमति से शुक्रवार को वीकेंड रखा जाता है. इन स्कूलों में रविवार को पढ़ाई कराई जाती है, जिससे हफ्ते के कुल वर्किंग डेज (कार्य दिवस) का कोटा पूरा रहे और पढ़ाई का नुकसान भी न हो.
स्पेशल और कोचिंग-इंटीग्रेटेड स्कूल
11वीं और 12वीं के जिन स्कूलों का JEE या NEET की तैयारी कराने वाली कोचिंग्स से टाइअप (Dummy/Integrated Schools) रहता है, वे अक्सर संडे को मॉक टेस्ट, डाउट क्लासेस या वीकली एग्जाम आयोजित करते हैं. इन संस्थानों में संडे को रेगुलर पढ़ाई तो नहीं होती, लेकिन स्टूडेंट्स को टेस्ट देने स्कूल जरूर जाना पड़ता है.